IPL 2025: डिफेंडिंग चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ़ से बाहर, 8वें स्थान पर

post-image

कोलकाता नाइट राइडर्स, जो पिछले साल आईपीएल का खिताब जीत चुके थे, उन्होंने 18 मई 2025 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ बारिश के कारण रद्द हुए मैच के बाद आईपीएल 2025 से बाहर हो चुके हैं। 14 मैचों में सिर्फ 5 जीत और 7 हार के साथ, 12 अंकों के साथ वे टेबल पर 8वें स्थान पर रहे, जबकि उनका नेट रन रेट -0.305 था। एक साल पहले जब वे चैंपियन थे, तो उन्होंने 9 जीत दर्ज की थीं। अब वो देख रहे हैं कि कैसे उनकी टीम अचानक गिर गई।

चैंपियनशिप से गिरावट: एक अप्रत्याशित गिरावट

आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने दूसरे खिताब के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उस सीज़न में उनकी टीम ने 12 में से 9 मैच जीते थे, और सुनील नारायण ने 488 रन बनाए थे, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने 21 विकेट लिए थे। लेकिन 2025 में वही टीम अब अपने ही घर के मैदान में हार रही थी। एडन गार्डन्स पर उन्होंने चार में से तीन मैच हारे — जिसमें गुजरात टाइटंस के खिलाफ 39 रनों से हार भी शामिल थी। एक ऐसी टीम जो पिछले साल दुनिया के सबसे ताकतवर बल्लेबाजों के साथ खेल रही थी, अब अपने ही घर पर भी असमर्थ लग रही थी।

क्या गया गुम?

कोलकाता नाइट राइडर्स के गिरने का पहला कारण था — उनके मुख्य खिलाड़ियों का अचानक अनुपस्थित होना। श्रेयस अय्यर, जो पिछले साल टीम के कप्तान थे और टीम की रीढ़ थे, और फिल सॉल्ट, जो एक डायनामिक ओपनर थे, दोनों को 2025 के लिए नहीं रिटेन किया गया। इससे टीम के बल्लेबाजी क्रम में एक बड़ा खालीपन आ गया। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 390 रन बनाए, जो टीम के लिए सबसे ज्यादा थे, लेकिन वो अकेले नहीं बचा सके। वेंकटेश यादव, जिन्हें ₹23.75 करोड़ में खरीदा गया था, उन्होंने 11 मैचों में सिर्फ 142 रन बनाए। उनका औसत 12.90 था। इतना महंगा खिलाड़ी इतना कम रन बनाना, टीम के लिए एक बड़ी टक्कर थी।

एडन गार्डन्स: अब एक डर का मैदान

एक बार जब कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए एडन गार्डन्स एक शक्ति का प्रतीक था, अब वहां जाना टीम के लिए एक बोझ बन गया। रेडिफ.कॉम की एक रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट थी — “एक बार कोलकाता नाइट राइडर्स का स्थान, एडन गार्डन्स अब तनाव का स्रोत बन गया है।” यहां के भीड़ वाले मैचों में भी टीम ने जीत नहीं दर्ज की। उनकी टीम को घर का फायदा नहीं मिला। भीड़ के नारे अब उनके लिए ताकत नहीं, बल्कि दबाव बन गए। एक बार जब एडन गार्डन्स पर टीम के लिए जीत का आत्मविश्वास जन्मता था, अब वहीं वे अपने आप को खो रहे हैं।

टैक्टिकल भ्रम: बल्लेबाजी क्रम का अटका हुआ तरीका

सबसे बड़ी गलती थी — बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन का अभाव। एंड्रे रसेल और रिंकू सिंह जैसे फिनिशर्स को शुरुआती ओवरों में नहीं, बल्कि बीच के ओवरों में उतारा जा रहा था। गुजरात टाइटंस के खिलाफ एक मैच में, कोलकाता ने 36 गेंदों तक कोई बाउंड्री नहीं लगाई। रसेल ने गुजरात के खिलाफ 21 रन बनाए, लेकिन वो उस समय आए जब टीम को अंतिम 20 गेंदों में रन बनाने की जरूरत थी। उनकी विकेट गिरने के बाद टीम का रन रेट गिर गया। रिंकू सिंह, जिन्होंने 2023 में अपने जादू का दर्शन कराया था, उनकी बल्लेबाजी अब बेकार लग रही थी।

क्या होगा अब?

आईपीएल 2026 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स को एक बड़ा बदलाव करना होगा। टीम के प्रबंधन को अब तीन बातों पर ध्यान देना होगा: पहला, बल्लेबाजी क्रम को लचीला बनाना। दूसरा, बहुत ज्यादा एंड्रे रसेल और रिंकू सिंह पर निर्भर रहने की आदत छोड़ना। तीसरा, अपने खिलाड़ियों के लिए दबाव नहीं, बल्कि आज़ादी बनाना। वेंकटेश यादव की तरह खिलाड़ियों को अपने मूल्य के कारण दबाव में नहीं डालना चाहिए। एक बार जब टीम अपनी बुनियादी रणनीति से भटक गई, तो उनकी टीम भी भटक गई।

आईपीएल 2025 का समय सारांश

  • 2024: चैंपियन, 9 जीत, 3 हार, नेट रन रेट +0.852
  • 2025: 8वां स्थान, 5 जीत, 7 हार, नेट रन रेट -0.305
  • सबसे अधिक रन: अजिंक्य रहाणे (390 रन)
  • सबसे अधिक विकेट: वरुण चक्रवर्ती (17 विकेट)
  • सबसे महंगा खिलाड़ी: वेंकटेश यादव (₹23.75 करोड़), केवल 142 रन
  • घरेलू प्रदर्शन: 4 में से 3 हार

फैसले के बाद क्या?

आईपीएल 2025 के बाद, कोलकाता नाइट राइडर्स के प्रबंधन के सामने एक बड़ा सवाल है — क्या वे अपने खिलाड़ियों को बदलेंगे, या अपनी रणनीति? एक बार जब एक टीम अपनी पहचान खो देती है, तो उसे फिर से बनाना बहुत मुश्किल होता है। यहां तक कि आईएनडीटीवी की रिपोर्ट में भी कहा गया, “ऐसा लगा जैसे भगवान भी इस टीम को देखना नहीं चाहते थे।” यह एक ऐसा विवरण है जो किसी टीम के लिए बहुत भारी है। लेकिन अगर वे अपने तरीके को बदल लें, तो फिर से ऊपर आ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता नाइट राइडर्स क्यों प्लेऑफ़ में नहीं पहुंच पाए?

कोलकाता नाइट राइडर्स के प्लेऑफ़ में न पहुंच पाने का मुख्य कारण उनकी बल्लेबाजी में अस्थिरता और घरेलू मैचों में बुरा प्रदर्शन था। 14 मैचों में सिर्फ 5 जीत, नेट रन रेट में नकारात्मकता, और श्रेयस अय्यर और फिल सॉल्ट जैसे कुंजी खिलाड़ियों के अनुपस्थित होने ने टीम को कमजोर बना दिया। विशेष रूप से एडन गार्डन्स पर तीन हार ने उनके आत्मविश्वास को तोड़ दिया।

वेंकटेश यादव का ₹23.75 करोड़ का निवेश बर्बाद क्यों हुआ?

वेंकटेश यादव का निवेश बर्बाद हुआ क्योंकि उन्हें टीम के बल्लेबाजी क्रम में स्थिर स्थान नहीं मिला। वे बार-बार अलग-अलग पोजीशन पर उतारे गए, जिससे उनकी रफ्तार और फॉर्म बिखर गई। उन्होंने 11 मैचों में 142 रन बनाए, जिसका औसत सिर्फ 12.90 था। एक ऐसा खिलाड़ी जिसे ओपनिंग के लिए खरीदा गया था, उसे नंबर 4 या 5 पर बैठाने से उनकी शक्ति खो गई।

एंड्रे रसेल और रिंकू सिंह पर अत्यधिक निर्भरता क्यों खतरनाक थी?

जब टीम ने अपनी बल्लेबाजी को दो खिलाड़ियों पर रख दिया, तो जब वे आउट हो गए, तो टीम का सारा संगठन टूट गया। रसेल और रिंकू के खिलाफ विशेष गेंदबाजी योजनाएं बनाई गईं, और जब वे अच्छा नहीं खेले, तो टीम के पास कोई बैकअप नहीं था। गुजरात के खिलाफ एक मैच में रसेल का आउट होना टीम के लिए निर्णायक बिंदु बन गया।

अगले सीज़न के लिए क्या बदलाव उम्मीद किए जा सकते हैं?

अगले सीज़न के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स को अपने बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन लाना होगा। वेंकटेश यादव को ओपनर के रूप में वापस लाना, अजिंक्य रहाणे को कप्तानी से हटाना, और एक नए फिनिशर को शामिल करना जरूरी होगा। साथ ही, टीम को अपने घरेलू मैचों के लिए एक नई रणनीति बनानी होगी — न कि भीड़ के दबाव के साथ खेलना।

क्या अजिंक्य रहाणे अगले सीज़न के लिए कप्तान रहेंगे?

अजिंक्य रहाणे ने इस सीज़न में 390 रन बनाए, लेकिन उनकी नेतृत्व शैली अक्सर अटकी हुई लगी। उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने में देरी की, और बाहरी आलोचनाओं के बावजूद अपनी टीम के लिए एक नई दिशा नहीं बनाई। अगले सीज़न में टीम के प्रबंधन को उनकी कप्तानी पर सवाल उठाना पड़ सकता है।

क्या वरुण चक्रवर्ती अगले सीज़न में भी टीम का कुंजी खिलाड़ी रहेंगे?

हां, वरुण चक्रवर्ती अगले सीज़न में भी टीम का कुंजी खिलाड़ी ही रहेंगे। उन्होंने 17 विकेट लिए, जो टीम के लिए सबसे अधिक थे। उनकी गेंदबाजी अच्छी रही, लेकिन बल्लेबाजी के असफल होने के कारण उनके विकेट अक्सर बेकार हो गए। अगर टीम का बल्लेबाजी क्रम सुधर जाए, तो वरुण के विकेट टीम को जीत दिला सकते हैं।

Maanasa Manikandan

Maanasa Manikandan

मैं एक पेशेवर पत्रकार हूं और भारत में दैनिक समाचारों पर लेख लिखती हूं। मेरी खास रुचि नवीनतम घटनाओं और समाज में हो रहे परिवर्तनों पर है। मेरा उद्देश्य नई जानकारी को सरल और सटीक तरीके से प्रस्तुत करना है।

19 Comments

  • Image placeholder

    Mukesh Kumar

    दिसंबर 17, 2025 AT 10:40

    ये टीम तो बस अपने आप को खो रही है। लेकिन अभी भी उम्मीद है, अगले सीज़न में वो वापस आएंगे। बस थोड़ा रणनीति बदल दो, और खिलाड़ियों को आज़ादी दो।

  • Image placeholder

    RAJA SONAR

    दिसंबर 17, 2025 AT 19:17

    एडन गार्डन्स पर भीड़ के नारे अब दबाव बन गए हैं यार... ये टीम तो खुद के शहर में ही डर गई है। बस एक बार इंसान बनकर खेलो, भगवान नहीं बुलाओ

  • Image placeholder

    Govind Vishwakarma

    दिसंबर 19, 2025 AT 06:57

    वेंकटेश यादव को ₹23.75 करोड़ देना एक बर्बादी थी... ये खिलाड़ी तो बस एक नाम था जिसे बेच दिया गया। टीम के प्रबंधन का दिमाग खराब है

  • Image placeholder

    Shraddhaa Dwivedi

    दिसंबर 19, 2025 AT 07:17

    कोलकाता के लोग इतने भावुक हो जाते हैं कि जब टीम खराब खेलती है तो लगता है जैसे कोई अपने परिवार का सम्मान खो रहा हो। लेकिन ये खेल है, नहीं जीवन। थोड़ा शांत रहो, टीम भी शांत होगी

  • Image placeholder

    Shankar Kathir

    दिसंबर 19, 2025 AT 17:30

    देखो यार, ये टीम तो बस एक अजीब तरह की आदत में फंस गई है। एंड्रे रसेल और रिंकू सिंह को बीच में डालने का फैसला तो बिल्कुल गलत था। उनकी ताकत अंतिम 5 ओवर में है, न कि 10वें ओवर में। और अजिंक्य रहाणे की कप्तानी भी बहुत धीमी थी। जब टीम बचने के लिए बार-बार गेंद खेल रही थी, तो उन्होंने कोई बदलाव नहीं किया। एक बार जब बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन आ गया, तो बाकी सब ठीक हो जाता। अब बस एक नया ओपनर चाहिए, और वेंकटेश को वापस ओपनिंग में डालो। वो तो बिल्कुल उसकी जगह है। ये सब बातें तो बहुत स्पष्ट हैं, लेकिन प्रबंधन सुनता नहीं।

  • Image placeholder

    Bhoopendra Dandotiya

    दिसंबर 21, 2025 AT 15:39

    ये टीम जैसे किसी बूढ़े नाटक की तरह है जिसका एक्टर अब अपनी भूमिका भूल गया है। एडन गार्डन्स की भीड़ अब नारे नहीं, आत्महत्या के गीत गा रही है। जब तक तुम अपने खिलाड़ियों को इतना दबाव नहीं देंगे, तब तक ये टीम नहीं उठेगी। एक बार तो उन्हें खेलने दो, न कि डराओ

  • Image placeholder

    Firoz Shaikh

    दिसंबर 22, 2025 AT 10:57

    आईपीएल के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक चैंपियन टीम इतनी जल्दी गिर गई हो। ये सिर्फ खिलाड़ियों की गलती नहीं है, बल्कि टीम के नेतृत्व की विफलता है। बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की देरी, खिलाड़ियों के प्रति अनुचित अपेक्षाएं, और घरेलू मैचों में निराशा का बढ़ता दबाव - ये सब एक साथ आ गए। अब तो बस एक नई नींव रखनी होगी।

  • Image placeholder

    Uma ML

    दिसंबर 24, 2025 AT 03:04

    अजिंक्य रहाणे कप्तान है तो फिर भी टीम गिर रही है... ये तो बस एक बेकार आदमी है जिसे टीम ने बहुत प्यार किया। वो तो खुद भी बल्ले से नहीं बचा पा रहा, फिर टीम को कैसे बचाएगा? इस टीम को तो बस एक नए कप्तान चाहिए जो जानता हो कि गेंद कैसे फेंकनी है

  • Image placeholder

    Saileswar Mahakud

    दिसंबर 26, 2025 AT 00:04

    मैं तो बस देख रहा हूं कि लोग कितना जल्दी टीम को निंदा करने लगे। एक साल पहले वो चैंपियन थे, अब बस एक गलती के बाद तुरंत फेंक दिया गया। लेकिन अगर तुम उन्हें सही दिशा दो, तो वो वापस आ सकते हैं। बस थोड़ा विश्वास रखो

  • Image placeholder

    Rakesh Pandey

    दिसंबर 27, 2025 AT 20:20

    रसेल और रिंकू को बीच में डालना बहुत बड़ी गलती थी... लेकिन जब तुम खुद अपने खिलाड़ियों को नहीं जानते, तो तुम क्या फैसला ले सकते हो?

  • Image placeholder

    aneet dhoka

    दिसंबर 28, 2025 AT 22:50

    ये सब एक षड्यंत्र है... आईपीएल के ऊपर किसी ने नियंत्रण ले लिया है। जब भी कोई टीम बहुत ज्यादा जीतती है, तो उसे जानबूझकर गिराया जाता है। कोलकाता ने बहुत ज्यादा लोगों को खुश किया, तो उन्हें फाड़ दिया गया। ये टीम अभी भी जीत सकती है, लेकिन वो चाहते नहीं कि वो जीते

  • Image placeholder

    Krishnendu Nath

    दिसंबर 29, 2025 AT 11:55

    एडन गार्डन्स पर जीत नहीं आई तो लगा जैसे दुनिया खत्म हो गई... लेकिन ये टीम तो अभी भी बची है। बस थोड़ा धैर्य रखो

  • Image placeholder

    dinesh baswe

    दिसंबर 30, 2025 AT 18:26

    वरुण चक्रवर्ती के विकेट बेकार गए क्योंकि बल्लेबाजी टूट गई। लेकिन अगर अगले सीज़न में बल्लेबाजी सुधर जाए, तो वो वापस आ जाएगा। उनकी गेंदबाजी अभी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत है।

  • Image placeholder

    Boobalan Govindaraj

    दिसंबर 31, 2025 AT 10:15

    हां भाई, ये टीम अभी गिरी हुई है लेकिन जिंदा है। बस एक नया ओपनर लाओ, रसेल को अंत में डालो, और खिलाड़ियों को आज़ादी दो। वो फिर से जीत जाएंगे, मैं विश्वास करता हूं

  • Image placeholder

    mohit saxena

    जनवरी 1, 2026 AT 10:23

    वेंकटेश यादव को ओपनर बनाओ वरना ये टीम तो बस एक अंधेरे गुफा में फंस जाएगी। बाकी सब ठीक है, बस एक बदलाव चाहिए

  • Image placeholder

    Sandeep YADUVANSHI

    जनवरी 1, 2026 AT 17:51

    ये टीम तो बस एक बेकार अस्तित्व है... जो चैंपियन था वो अब एक नाम है। लोग अभी भी उसे देख रहे हैं, लेकिन कोई जीत नहीं देख रहा

  • Image placeholder

    Vikram S

    जनवरी 3, 2026 AT 08:38

    ये टीम भारत के नाम पर गलत नाम लगाकर आई है... इसकी जगह एक नई टीम बनानी चाहिए, जो वास्तविक राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक हो। ये टीम तो बस एक शहर की अहंकारी बात है

  • Image placeholder

    nithin shetty

    जनवरी 4, 2026 AT 17:37

    कोलकाता के लोग तो हमेशा से भावुक हैं... लेकिन अब तो उनकी भावनाएं टीम को डूबा रही हैं। बस एक बार शांत रहो, खेलने दो

  • Image placeholder

    RAJA SONAR

    जनवरी 4, 2026 AT 20:40

    अगर तुमने रसेल को अंतिम 5 ओवर में नहीं डाला तो तुम्हारी टीम बस एक बेकार खिलाड़ी के साथ खेल रही है

एक टिप्पणी लिखें