X ने लॉन्च किया 'Chat': व्हाट्सएप को चुनौती देने के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वाला नया मैसेजिंग प्लेटफॉर्म

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गुरुवार, 16 नवंबर 2025 को, X ने अपना नया मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Chat लॉन्च कर दिया — एक ऐसा टूल जो व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म्स को सीधे चुनौती देता है। ये नया सिस्टम सिर्फ एक अपडेट नहीं, बल्कि X के इतिहास में सबसे बड़ा गोपनीयता-केंद्रित बदलाव है, जिसे Elon Reeve Musk, X के सीईओ और xAI के प्रमुख, ने जून 2025 में पहली बार टीज़ किया था। अब ये सुविधा iOS और वेब पर उपलब्ध है, और एंड्रॉयड वर्जन जल्द ही आने का वादा किया गया है। लेकिन ये सिर्फ एक और मैसेजिंग ऐप नहीं है। ये X को चीन के वेचाट की तरह एक ‘सब कुछ ऐप’ बनाने के मुस्क के बड़े सपने का हिस्सा है।

क्या है Chat की खासियत?

Chat ने अपने अंदर कई ऐसी सुविधाएँ शामिल की हैं जो पहले X पर मौजूद नहीं थीं। अब आप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ ग्रुप चैट्स चला सकते हैं, एक-एक करके बातचीत कर सकते हैं, और कोई भी फाइल — PDF, ZIP, MP4, यहाँ तक कि डॉक्यूमेंट्स — भेज सकते हैं। वीडियो और ऑडियो कॉल्स भी अब बिना किसी तीसरे पार्टी के सीधे ऐप के अंदर हो सकती हैं। ये सब तब तक संभव है जब तक आप पहले से ही उस व्यक्ति के साथ चैट कर चुके हों — नए लोगों को जोड़ने के लिए अभी भी कोई खुला अंतराल नहीं है।

एक और बड़ी खासियत? स्क्रीनशॉट की अलर्ट। अगर कोई आपका संदेश लेकर स्क्रीनशॉट लेता है, तो आपको तुरंत नोटिफिकेशन मिल जाएगा। और अगर आप चाहें, तो आप स्क्रीनशॉट को पूरी तरह ब्लॉक भी कर सकते हैं। ये वैसा ही है जैसे आप किसी को अपनी निजी डायरी दें और कह दें, ‘इसे फोटो नहीं खींचना।’

अगर आपने किसी संदेश को गलत भेज दिया है? अब आप उसे संपादित कर सकते हैं — या पूरी तरह हटा सकते हैं। और अगर आप चाहें, तो संदेश खुद-ब-खुद 24 घंटे या 7 दिन बाद गायब हो जाएंगे। ये सब बहुत अच्छा लगता है… लेकिन यहाँ एक ट्विस्ट है।

‘जूसबॉक्स’ नाम का एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल: तकनीकी बड़ा दांव

X ने अपने लिए एक नया एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल बनाया है — जूसबॉक्स। ये Rust प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लिखा गया है और Libsodium के ऊपर बना है। ये तकनीकी रूप से बहुत शक्तिशाली है — लेकिन यहाँ कोई बड़ा सवाल है: क्या इसे किसी तीसरे पक्ष ने जाँचा है?

नहीं।

अभी तक, कोई भी स्वतंत्र सुरक्षा एक्सपर्ट या संगठन — जैसे सिग्नल फाउंडेशन या ऑक्सन प्राइवेसी टेक फाउंडेशन — ने जूसबॉक्स की जाँच नहीं की है। CyberInsider ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है: “जो लोग सबसे अधिक सुरक्षा चाहते हैं, उन्हें अभी भी ऐसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करना चाहिए जिनकी एन्क्रिप्शन तकनीक की निरंतर जाँच की जाती है।”

ये बात बहुत महत्वपूर्ण है। एक्स के पास अभी तक कोई ओपन-सोर्स ऑडिट नहीं है। जबकि सिग्नल की एन्क्रिप्शन लाइब्रेरी को दुनिया भर के सुरक्षा विशेषज्ञों ने सालों तक जाँचा है, जूसबॉक्स अभी भी एक ब्लैक बॉक्स है।

व्हाट्सएप को चुनौती देने का मुस्क का सपना

मुस्क ने अपने ट्वीट्स और इंटरव्यू में बार-बार कहा है कि वह X को एक ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं — जैसे चीन में वेचाट है। वहाँ आप बातचीत करते हैं, पैसे भेजते हैं, टैक्सी बुक करते हैं, और यहाँ तक कि डॉक्टर से ऑनलाइन बात भी कर सकते हैं। अब वही बात भारत और अमेरिका में भी होनी चाहिए, ऐसा उनका विश्वास है।

लेकिन ये सपना एक बड़ी चुनौती के साथ आता है। वेचाट चीन सरकार के नियंत्रण में है। वहाँ गोपनीयता का अर्थ है — सरकार को सब कुछ दिखाना। क्या मुस्क का ‘वेस्टर्न वेचाट’ वास्तव में गोपनीयता का समर्थन करेगा? या ये सिर्फ एक नया डिजिटल एम्पायर बनाने का नाम है?

अभी तक क्या नहीं है?

कुछ चीजें अभी अनुपलब्ध हैं। वॉइस मेमोज़ अभी नहीं हैं — लेकिन अगले अपडेट में वापस आने का वादा किया गया है। एंड्रॉयड अभी तक नहीं आया है। और सबसे बड़ी बात — कोई भी बाहरी एक्सपर्ट ने जूसबॉक्स की सुरक्षा की पुष्टि नहीं की।

हिंदुस्तान टाइम्स के टेक रिपोर्टर्स के अनुसार, ये लॉन्च एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। लेकिन अगर आप अपने संदेशों की गोपनीयता को असली तौर पर चाहते हैं, तो अभी भी सिग्नल या सेशन बेहतर विकल्प हैं।

भविष्य क्या है?

अगले छह महीने में, जब एंड्रॉयड लॉन्च होगा और वॉइस मेमोज़ वापस आएंगे, तो X के यूजर्स की संख्या दोगुनी हो सकती है। लेकिन अगर जूसबॉक्स में कोई छेद पाया जाता है — जैसे कि किसी ने एन्क्रिप्शन को ब्रेक कर दिया — तो ये पूरा प्रयास विफल हो सकता है।

एक बात स्पष्ट है: ये लॉन्च सिर्फ एक फीचर नहीं, बल्कि एक नए डिजिटल युग की शुरुआत है। जहाँ टेक कंपनियाँ सीधे गोपनीयता के लिए लड़ रही हैं। और आप, हर एक यूजर, उस लड़ाई का हिस्सा हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Chat का इस्तेमाल करने के लिए क्या जरूरत है?

आपको सिर्फ X ऐप का नवीनतम वर्जन चाहिए, और आपको पहले से किसी व्यक्ति के साथ चैट करना होगा। कोई फोन नंबर या ईमेल वेरिफिकेशन नहीं चाहिए। ये विशेषता उन यूजर्स के लिए फायदेमंद है जो अपनी पहचान छिपाना चाहते हैं।

क्या Chat सुरक्षित है, जैसे सिग्नल?

जूसबॉक्स एन्क्रिप्शन तकनीक तकनीकी रूप से मजबूत है, लेकिन इसकी कोई स्वतंत्र जाँच नहीं हुई है। सिग्नल की एन्क्रिप्शन लाइब्रेरी को दुनिया भर के सुरक्षा विशेषज्ञों ने सालों तक जाँचा है। इसलिए, जिनके लिए गोपनीयता जानलेवा है — जैसे संवाददाता या अधिकारी — वे अभी भी सिग्नल का उपयोग करें।

क्या X यूजर्स की डेटा को ट्रैक करता है?

X ने दावा किया है कि Chat में कोई विज्ञापन नहीं है और कोई यूजर ट्रैकिंग नहीं है। लेकिन ये केवल Chat के लिए है। अगर आप X के अन्य हिस्सों — जैसे ट्वीट्स या टाइमलाइन — का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी डेटा अभी भी ट्रैक हो सकती है।

एंड्रॉयड यूजर्स को कब तक इंतजार करना पड़ेगा?

X ने अभी तक कोई ठोस तारीख नहीं बताई है, लेकिन कंपनी के अंदरूनी स्रोतों के अनुसार, एंड्रॉयड वर्जन दिसंबर 2025 के अंत तक आने की उम्मीद है। टेक विश्लेषकों का मानना है कि ये अपडेट बड़े बाजार — भारत, इंडोनेशिया और ब्राजील — में यूजर बढ़ाने के लिए निर्णायक होगा।

वॉइस मेमोज़ कब वापस आएंगे?

X ने घोषणा की है कि वॉइस मेमोज़ अगले सॉफ्टवेयर अपडेट में वापस आएंगे — जो शायद जनवरी 2026 में आएगा। ये सुविधा उन यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण है जो टाइप करने की जगह बोलना पसंद करते हैं, खासकर मोबाइल पर।

क्या Chat कोई व्हाट्सएप का प्रतिस्थापन हो सकता है?

अगर आपको एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, स्क्रीनशॉट अलर्ट और फाइल शेयरिंग चाहिए, तो हाँ। लेकिन अगर आपको व्हाट्सएप के साथ लाखों लोगों की आदत है, तो बदलना मुश्किल होगा। ये एक नया इकोसिस्टम बनाने का सवाल है — और उसके लिए समय और विश्वास दोनों चाहिए।

Maanasa Manikandan

Maanasa Manikandan

मैं एक पेशेवर पत्रकार हूं और भारत में दैनिक समाचारों पर लेख लिखती हूं। मेरी खास रुचि नवीनतम घटनाओं और समाज में हो रहे परिवर्तनों पर है। मेरा उद्देश्य नई जानकारी को सरल और सटीक तरीके से प्रस्तुत करना है।

10 Comments

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    Nikhil nilkhan

    नवंबर 20, 2025 AT 07:51

    ये Chat अच्छा लगा, लेकिन जूसबॉक्स पर थोड़ा संदेह है। मैंने सिग्नल से शुरू किया था, फिर व्हाट्सएप पर आ गया, अब ये नया चीज़ भी आ गया। लेकिन जब तक कोई न्यूट्रल एक्सपर्ट इसे चेक नहीं करता, मैं अपने गोपनीय संदेश इसमें नहीं भेजूंगा। शायद ये बस एक और टेक ड्रामा है।

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    Damini Nichinnamettlu

    नवंबर 21, 2025 AT 09:09

    हमारे देश में ऐसे प्लेटफॉर्म बनने चाहिए, न कि अमेरिकी कंपनियों के लिए अनुकूलित होने चाहिए। जूसबॉक्स को नहीं जानते तो चलो, लेकिन इसका नाम हिंदी लहजे में बोला जा रहा है। ये तो भारतीय टेक का नाम है।

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    Vinod Pillai

    नवंबर 23, 2025 AT 04:13

    ये सब बकवास है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तो सिग्नल ने 2014 में कर दिया था। अब ये मुस्क अपने नए ब्रांड के लिए जूसबॉक्स नाम लगा रहा है और इसे नया बता रहा है। अगर तुम्हारी टेक्नोलॉजी को ओपन-सोर्स नहीं किया गया, तो वो बस ब्लैक बॉक्स है। और ब्लैक बॉक्स = सुरक्षा नहीं, बल्कि धोखा है।

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    Avantika Dandapani

    नवंबर 24, 2025 AT 01:53

    मुझे लगता है कि ये लॉन्च बहुत बड़ा कदम है, लेकिन इसमें इतनी उम्मीद है कि ये टूट जाएगा। जैसे जब मैंने पहली बार नई बाइक खरीदी, तो मैंने सोचा ये मेरी जिंदगी बदल देगी - लेकिन दो हफ्ते बाद चेन टूट गई। अब भी वही बाइक है, लेकिन उम्मीदें बदल गईं। ये भी ऐसा ही होगा।


    हमें इसे धीरे से अपनाना चाहिए। बहुत जल्दी नहीं।

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    Ayushi Dongre

    नवंबर 25, 2025 AT 09:46

    प्रायोगिक एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल के विकास के संदर्भ में, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि एक अनुकूलित सुरक्षा ढांचे का निर्माण किया जाए, जिसकी स्वतंत्र रूप से जाँच की जा सके। यदि एक प्रणाली का डिज़ाइन बंद रखा जाता है, तो उसकी विश्वसनीयता का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता, जिससे उपयोगकर्ता के लिए एक अनिश्चितता का वातावरण बन जाता है। इसलिए, जूसबॉक्स के विकास के साथ साथ, एक खुला ऑडिट प्रक्रिया अनिवार्य है।


    साथ ही, व्यक्तिगत गोपनीयता के अधिकारों के संरक्षण के लिए, एक निरंतर निगरानी और पारदर्शिता की आवश्यकता होती है, जो केवल तकनीकी उपलब्धियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

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    rakesh meena

    नवंबर 26, 2025 AT 17:47

    सिग्नल अभी भी बेस्ट है बस

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    sandeep singh

    नवंबर 27, 2025 AT 03:08

    ये सब बाहरी लोगों की चाल है। भारत के यूजर्स को व्हाट्सएप चाहिए, न कि इस नए अज्ञात एप को। मुस्क को अपना बिजनेस अमेरिका में छोड़ देना चाहिए। ये जूसबॉक्स नाम भी अंग्रेजी में बोल रहे हैं - हमारी भाषा का अपमान है। हमें अपने देश के लिए अपना प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए।

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    Sumit Garg

    नवंबर 29, 2025 AT 02:36

    जूसबॉक्स? ये नाम तो बिल्कुल बेकार है। ये शायद किसी ने बनाया है ताकि लोग इसे गलत तरीके से रिकॉग्नाइज करें। जब तक ये नहीं बताते कि ये कैसे काम करता है, तब तक ये सिर्फ एक और स्टेट-स्पॉन्सर्ड डिजिटल निगरानी का टूल है। जब तक इसका कोड ओपन नहीं होगा, तब तक ये एक फैक्ट्री है जो डेटा निकाल रही है।


    और जब तक आप ये नहीं जानते कि आपके संदेश किस तरह एन्क्रिप्ट हो रहे हैं, तब तक आपकी गोपनीयता का कोई मतलब नहीं। ये बस एक बड़ा डिजिटल ट्रैप है।

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    Sneha N

    नवंबर 29, 2025 AT 17:34

    मैंने इसे ट्राई किया… और फिर अपने फोन को बंद कर दिया। ये बस इतना डरावना लगा कि मुझे लगा जैसे कोई मेरी बात सुन रहा है। अगर स्क्रीनशॉट अलर्ट है, तो क्या ये बताएगा कि कौन सुन रहा है? मैंने अपना डेटा अभी तक नहीं भेजा। बस बाहर निकल गई।

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    Manjunath Nayak BP

    दिसंबर 1, 2025 AT 03:27

    सुनो, मैं तो इस बात पर भरोसा नहीं करता कि कोई भी टेक कंपनी असली गोपनीयता देगी। अगर ये चीज़ इतनी अच्छी है, तो फिर ये ओपन-सोर्स क्यों नहीं है? जूसबॉक्स का नाम तो ऐसा है जैसे किसी ने एक बच्चे के खिलौने का नाम रख दिया हो। इसके पीछे क्या छुपा है? क्या ये एक नया डेटा चोरी का तरीका है? जब तक ये नहीं बताते कि ये कैसे काम करता है, तब तक ये एक फिल्म का नाम है - न कि एक सुरक्षित ऐप।


    मैंने इसे ट्राई किया, और ये अपने आप में बहुत ज्यादा चीज़ें चल रही थीं। बैकग्राउंड में डेटा भेज रहा था। मैंने नेटवर्क मॉनिटर किया - तीन अज्ञात डोमेन्स को बार-बार अक्सेस कर रहा था। एक तो रूसी था, एक चीनी था, और एक… अमेरिकी बैंक का था। ये बस एक डेटा लेकर चलने वाला ट्रक है।


    मुस्क ने कहा था कि वो गोपनीयता के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन जब तक आपके डेटा का एक बाहरी सर्वर पर एक्सेस है, तब तक ये लड़ाई बस एक नाटक है।


    और अगर आपको लगता है कि सिग्नल भी बेहतर है, तो आप गलत हैं। सिग्नल भी एक बार एक नियम बदल गया था - जब उन्होंने अपने फोन नंबर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। तो फिर आप किस पर भरोसा करेंगे? क्या आप विश्वास करेंगे कि कोई भी कंपनी आपके लिए कुछ भी नहीं चाहती? नहीं।


    अगर आप वाकई गोपनीयता चाहते हैं, तो एक फीचर बनाएं - जिसमें आप बिना किसी इंटरनेट के बात कर सकें। एक डिवाइस, एक लोकल नेटवर्क, और बिना किसी बैकडोर के। वरना, ये सब बस एक बड़ा गुमराह करने वाला डिजिटल ड्रामा है।

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