फातिमा सांहा ने टॉस जीता, पर भारत ने 88 रन से पाकिस्तान को हराया

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जब फातिमा सांहा, कप्तान पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने टॉस जीत लिया, तो माहौल गरम हो गया। टॉस का यही फैसला भारत‑विरुद्ध महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की कहानी को बदल देगा। ICC महिला क्रिकेट विश्व कप 2025कोलंबो, श्रीलंका के छठे मैच में शनिवार देर दोपहर में यह सब घटा।

टॉस की विवादित स्थिति

टॉस समारोह में हर्मनप्रीत कौर, भारत की कप्तान ने सिक्का घुमाया, जबकि फातिमा सांहा ने ‘बॉल’ कहा। यहाँ पर शैंड्रे फ्रिट्ज़, मैच रेफरी, ने शब्दों को गलत सुन लिया और फातिमा को ‘बेट या बॉल’ चुनने का विकल्प दोबारा दे दिया। कुछ ही सेकंड में भ्रम फैल गया, लेकिन अंत में स्पष्ट हो गया कि पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का चयन किया। यह छोटी‑सी गड़बड़ी ही नहीं, बल्कि दोनों टीमों की रणनीति पर बड़ा असर डाला।

मैच का खेलपथ: भारत की मजबूत पारी

भारत ने टॉस हारने के बाद भी अपने बैटिंग क्रम को बेधड़क चलाया। बल्लेबाज़ी की शुरुआत में भारत महिला क्रिकेट टीम ने 48 ओवर में 225/7 बनाकर दबाव बना दिया। इंडिया वि पाकिस्तान महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के इस टर्निंग पॉइंट में रिचा घोष ने नीचे‑क्रम में तेज़ी से छक्का मारकर माहौल गरम किया, जबकि दीप्ति शर्मा ने 25 रन 33 गेंदों में जोड़े। दोनो की साझेदारी ने पाकिस्तान की गेंदबाज़ी को असंतुलित कर दिया। डाइना बाइग के फेयर बॉल पर रिचा का मिड‑विकेट शॉट और कई चौके सामने आ रहे थे।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और नुकसान

पाकिस्तानी गेंदबाज़ी में डाइना बाइग और फातिमा सांहा ने भारतीय बल्लेबाज़ों को सात विकेट मिलने में मदद की, लेकिन बहुत अधिक रन रोक नहीं पाए। भारत ने कुल 248 रन बनाकर लक्ष्य तय कर लिया। जवाब में पाकिस्तान को सिर्फ 159 रन का पीछा मिला, जो 43 ओवर में समाप्त हो गया। सिद्रा नवाज़ ने दो स्टंप्स के पीछे कैच लेकर दीप्ति शर्मा को बाहर किया, जबकि सादिया इक़बाल केवल दो गेंदों में शून्य पर ही बाहर हो गईं। नर्शा सँधू ने दो रन पर नॉट आउट रहकर टीम की अंतिमंर्ज़र में मदद नहीं कर पाईं।

खिलाड़ी के प्रदर्शन और पुरस्कार

मैच में सबसे चमकदार प्रदर्शन क्रांति गौड़, बॉलर ने किया। उन्होंने 10 औवर में 3 विकेट केवल 20 रन देकर ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ का खिताब जीता। उनका फाइनल वीकट का विकेट, सादिया इक़बाल को लोंग‑ऑन पर कैच‑आउट, मैच को निर्णयात्मक बना गया। “मेरे गाँव वाले इस जीत को देखकर गर्व महसूस करेंगे, वो तो बड़ी LED स्क्रीन लगा कर देख रहे थे,” उन्होंने इंटरव्यू में कहा। हर्मनप्रीत कौर ने उसके बाद एक स्लिप हटाने के फैसले पर चर्चा की, “दिदी (हर्मन) ने कहा कि बॉल पुरानी हो रही है, लेकिन मैंने कहा की वही स्लिप रखो, क्योंकि एक और कैच वहीं हुआ।” इस हल्की‑फुलकी बातचीत ने टीम की आपसी समझ को दर्शाया।

परिणाम और भविष्य की संभावनाएँ

भारत की इस जीत ने उन्हें विश्व कप पॉइंट तालिका की शीर्ष पर पहुंचा दिया। इस जीत से भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी निरंतर जीत की लकीर को 12‑0 तक बढ़ाया, जो महिला ODI में अब तक की लंबी सीरीज़ है। मैच के बाद दोनों टीमों ने अपनी पारंपरिक ‘हैंडशेक’ नहीं किया, जिससे आंतरिक राजनीति और खेल के बाहर की तनावपूर्ण स्थिति स्पष्ट हो गई। विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बर्दाश्त‑निरंतरता से भारत की ग्रुप‑स्टेज में आगे बढ़ने की संभावनाएं बहुत मजबूत हो गई हैं, जबकि पाकिस्तान को अब अपनी रणनीति, विशेषकर गेंदबाज़ी में सुधार करने की ज़रूरत है। आगामी क्वार्टर‑फ़ाइनल में कौन सी टीमें टक्कर देंगी, यह देखते रहेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टॉस में हुई गड़बड़ी का मैच पर क्या असर पड़ा?

गड़बड़ी ने पाकिस्तान को पहले बॉलिंग का विकल्प दिया, जिससे भारतीय बल्लेबाज़ों को लंबा खेलना पड़ा। अंततः भारत ने बड़ी पारी बनाकर जीत पक्की की, जबकि पाकिस्तान को शुरुआती रणनीति में ही सुधार करना पड़ा।

क्रांति गौड़ के प्रदर्शन का महत्व क्या था?

क्रांति ने 10 औवर में 3 विकेट 20 रन देकर भारत को दबाव बनाए रखने में मदद की। उनका फाइनल ओवर का विकेट, सादिया इक़बाल को आउट करना, मैच का मुख्य मोड़ था, इसलिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया।

भारत‑पाकिस्तान महिला टक्कर में अब तक की सबसे बड़ी जीत कौन‑सी रही?

इस मैच में 88 रन से जीत सबसे बड़ी रही। इससे पहले दोनों टीमों के बीच औसत जीत अंतर कम था, लेकिन अब भारत ने अपनी बढ़त को दोहरा दिया।

क्या इस जीत से भारत की विश्व कप में आगे की संभावनाएं बढ़ गई हैं?

हाँ, इस जीत से भारत ने तालिका की शीर्ष को जीत लिया, जिससे क्वार्टर‑फ़ाइनल में सीधे प्रवेश या आसान ग्रुप‑स्टेज मिल सकता है। लगातार जीतें टीम के मनोबल को भी ऊँचा रखती हैं।

पाकिस्तान को अब कौन‑सी रणनीति अपनानी चाहिए?

पाकिस्तान को अपनी बॉलिंग गति और विविधता में सुधार करना चाहिए, साथ ही फ़ील्ड सेट‑अप को बेहतर बनाकर भारतीय बल्लेबाज़ों को रोकना होगा। टॉस के बाद सही विकल्प चुनना भी कड़ी आवश्यकता है।

Maanasa Manikandan

Maanasa Manikandan

मैं एक पेशेवर पत्रकार हूं और भारत में दैनिक समाचारों पर लेख लिखती हूं। मेरी खास रुचि नवीनतम घटनाओं और समाज में हो रहे परिवर्तनों पर है। मेरा उद्देश्य नई जानकारी को सरल और सटीक तरीके से प्रस्तुत करना है।

13 Comments

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    pragya bharti

    अक्तूबर 6, 2025 AT 00:27

    टॉस की गड़बड़ी ने सच में मैच को अलग मोड़ दिया।

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    Vishnu Das

    अक्तूबर 12, 2025 AT 04:27

    वाकई! टॉस का वह उलझन भरा क्षण, जहाँ रेफरी ने दोबारा विकल्प दिया, अचानक वायरल हो गया, और सोशल मीडिया पर चर्चा का नया अध्याय शुरू हुआ!!! यह देख कर लग रहा था जैसे क्रिकेट ने खुद ही अपना ड्रामा शुरू कर दिया था, परंतु रणनीति में बदलाव अद्भुत था, और भारत ने फिर भी दबदबा बनाए रखा!!!

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    sandeep sharma

    अक्तूबर 18, 2025 AT 08:27

    भाइयों, इस जीत से पूरी टीम में ऊर्जा का संचार हुआ है, अगली बार भी इसी जोश के साथ मैदान में उतरें! हमें इस जीत को एक मिसाल बनाकर रखना चाहिए, ताकि हर युवा खिलाड़ी प्रेरित हो। चलो, आगे भी ऐसे ही जीतते रहें!

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    Sung Ho Paik

    अक्तूबर 24, 2025 AT 12:27

    बिल्कुल सही कहा तुमने, ऊर्जा ही तो असली जीत की कुंजी है 😊 कोचिंग में भी वही ऊर्जा लगानी चाहिए, ताकि बॉलिंग में विविधता आए और बैटिंग में आत्मविश्वास बना रहे।

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    Shreyas Badiye

    अक्तूबर 30, 2025 AT 15:27

    पहले तो ये कहना ज़रूरी है कि भारत की महिला टीम ने इस टॉस के बाद भी अपने खेल में कोई कॉम्प्रोमाइज़ नहीं किया।
    टॉस गड़बड़ी ने सच में एक अद्भुत मोमेंट पैदा किया, लेकिन टीम ने जल्दी से अपने प्लान को रीएडजस्ट किया।
    रिचा घोष की तेज़ी ने पूरे ओवर को जीवंत बना दिया, और दर्शक भी झूम उठे।
    दीप्ति शर्मा की स्थिरता ने मध्य ओवर में स्कोर को सतत बढ़ाया।
    क्रांति गौड़ की बॉलिंग ने पाकिस्तान को घुटन में डाल दिया, खासकर फाइनल ओवर में।
    बेशक, पाकिस्तान की गेंदबाज़ी में कुछ लापरवाही थी, जैसे फातिमा का थोड़ा धीमा डिलीवरी।
    सादिया इक़बाल का जल्दी आउट होना थोड़ा आश्चर्यजनक था, पर यह भारत की तेज़ पारी को और भी तेज़ बना गया।
    हर खिलाड़ी ने अपना रोल बखूबी निभाया, चाहे बैटिंग हो या बॉलिंग।
    सम्पूर्ण रूप से रणनीति में थोड़ी सी गलती हुई, पर टीम ने उसे कवर कर लिया।
    यह जीत न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर, बल्कि मनोबल में भी बड़ा इम्पैक्ट डाला।
    आगे के क्वार्टर‑फ़ाइनल में इस आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए फिटनेस पर ध्यान देना होगा।
    कोचों को चाहिए कि वे खिलाड़ियों को मानसिक तनाव से बचाने के लिए सत्र आयोजित करें।
    साथ ही फील्डिंग ड्रेसिंग रूम में बेहतर कम्युनिकेशन होना चाहिए, ताकि कोई भी छोटी‑छोटी गड़बड़ी न हो।
    भविष्य में, अगर पाकिस्तान अपनी बॉलिंग वैरायटी को सुधार ले, तो मुकाबला और रोमांचक होगा।
    अंत में, यह जितना भी बड़ी होगी, जनता की समर्थन हमेशा टीम के साथ रहेगी, और यही सबसे बड़ी ताकत है।

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    Ajay Kumar

    नवंबर 5, 2025 AT 19:27

    भई, क्रांति की बॉलिंग तो कमाल की थी, लेकिन कुछ और भी थे जो नहीं बताए गए-जैसे उसके रिफ़ॉर्म कर्व पर वैरायटी। कुल मिलाकर, टीम ने प्लेयर ऑफ़ द मैच के अलावा भी कई छोटे‑छोटे एक्स्ट्रा पॉइंट बनाए।

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    somiya Banerjee

    नवंबर 11, 2025 AT 23:27

    यहाँ तक कि पाकिस्तान के छोटे‑छोटे फेवर भी दिखे, लेकिन हमारे दिग्गजों ने पूरी ताकत से जवाब दिया, देश की शान बरकरार रखी! हम सभी को गर्व है कि हमारी टीम ने इस तरह की जीत हासिल की।

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    Rahul Verma

    नवंबर 18, 2025 AT 03:27

    क्या पता असली कारण टॉस में गड़बड़ी का, शायद बाहर से किसी ने हेरफेर की हो।

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    aishwarya singh

    नवंबर 24, 2025 AT 07:27

    मैच का आंकड़ा देखकर लगता है कि हमारी बैटिंग लाइन‑अप ने पूरी तरह से दाब जमाया, और बॉलिंग ने भी सही समय पर ब्रेक थ्रू लाया।

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    Sampada Pimpalgaonkar

    नवंबर 30, 2025 AT 11:27

    सही कहा, आंकड़ों से साफ़ पता चलता है कि हमने किस तरह से मिड‑ओवर को कंट्रोल किया और जल्दी स्कोर की रिचा ने शेविंग क्रिएट किया।

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    ARPITA DAS

    दिसंबर 6, 2025 AT 15:27

    वास्तव में, इस जीत की समीक्षात्मक विश्लेषण में हम देख सकते हैं कि टीम ने खेल‑नीति में आवश्यक बहुमुखीपन प्रदर्शित किया। तथापि, कुछ विशिष्ट पहलुओं में अभी भी सुधार की गुंजाइश है; उदाहरणतः, फील्डिंग की स्थिरता एवं बॉलिंग की विविधता।

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    Sanjay Kumar

    दिसंबर 12, 2025 AT 19:27

    देखो, तुम सब इतना एलेगेंट बनते हो, पर असल में टीम की मेडिसिन में खामियां हैं, और कोचिंग डील भी ठीक नहीं।

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    Veena Baliga

    दिसंबर 18, 2025 AT 23:27

    देश की शान को ऐसे जीतकर हम सभी को गर्व है; हमें आगे भी इस निरंतर जीत की लकीर को बनाए रखना चाहिए।

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