चेन्नई में भारतीय वायु सेना के लिए खास तैयारी
भारतीय वायु सेना (IAF) का चेन्नई के ऐतिहासिक मरीना बीच पर विशाल एयर शो आयोजित करने का कार्यक्रम पूरे देश में उत्सुकता और गर्व का विषय बना हुआ है। इस भव्य आयोजन के लिए वायु सेना ने कई महीनों की तगड़ी तैयारियां की हैं। खास बात यह है कि इस बार एयर शो दो दशकों में पहली बार चेन्नई में आयोजित किया जा रहा है। लोगों की बढ़ती हुई भीड़ और इस भव्य आयोजन के प्रति उनके उत्साह को देखते हुए, लगभग दस लाख से अधिक दर्शकों के आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस एयर शो के दौरान कुल 72 विमान प्रदर्शन करेंगे, जिसमें लड़ाकू विमान, परिवहन विमान, हेलीकॉप्टर और विशेष एरोबेटिक्स टीम शामिल हैं। उल्लेखनीय यह है कि यह प्रदर्शन पश्चिमी और रूसी विमान के दुर्लभ मिश्रण को प्रदर्शित करेगा। जहां फ्रांस के राफेल, मिराज-2000, एयरबस-सी295एमडब्ल्यू जैसे विमानों के साथ ही रूस के सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, आईएल-78 एमडी जैसे रिफ्यूलिंग टैंकर श्रृंखला में शामिल होते दिखेंगे।
स्वदेशी तकनीकी का प्रदर्शन
देश के स्वदेशी विमानन तकनीकी की गुणवत्ता को दिखाने के लिए एयर शो में भारतीय रूप से डिजाइन और विकसित प्लेटफॉर्म भी प्रदर्शन करेंगे। इनमें सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र 'तेजस' विमान होगा, जो दुनिया का सबसे हल्का लड़ाकू विमान माना जाता है, साथ ही प्रचंड हेलिकॉप्टर भी प्रदर्शन में शामिल होगा जिसे दुनिया का सबसे ऊँचाई पर उड़ने वाला लड़ाकू हेलिकॉप्टर कहा जाता है। ये परियोजनाएँ भारतीय रक्षा क्षेत्र की प्रगति को दर्शाती हैं जिसका लक्ष्य 2025 तक रक्षा निर्यात में $5 बिलियन पार करना है।
तमिल संस्कृति की गूंज
वायु सेना ने तमिलनाडु के इतिहास, संस्कृति और भूगोल के अनोखे गुणों के नाम पर विशेष रूप से कई गठन तैयार किए हैं। यह तय किया गया है कि ये गठन 'पुयल' (तूफान), 'संगम', 'पल्लव', 'चेर', 'चोल', 'कांची', 'नटराज', 'नीलगिरी', 'मेरिना', 'पांडियन' और 'महाबली' जैसे नामों से जाने जाएंगे।
विशेष एरोबेटिक टीम का प्रदर्शन
सुरा किरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी शो के अनूठे आकर्षण होंगे, जो अपनी लाल रंग की जीवंत छवियों में बीएई हॉक एमके132 जेट्स के साथ आकाश में विभिन्न कलाबाजियों का प्रदर्शन करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों की शौर्य और कौशल को जनसमाज तक पहुंचाना है, ताकि युवाओं को सेवा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा सके।
यह भव्य आयोजन चेन्नई में विमान के प्रति लोगों के हार्दिक प्रेम और सेनाओं के प्रति उनके 'सम्मान के प्रतीक' के रूप में उभरता दिख रहा है। चेन्नई के दो निवासियों की भी भागीदारी से यह कार्यक्रम स्थानीय समुदाय के लिए विशेष सम्मान का विषय बन गया है।
वायु सेना दिवस परेड
इस वृहद आकाशीय आयोजन के अलावा, 8 अक्टूबर को एयर फोर्स स्टेशन तांबरम में सीमित संख्या में उपस्थित लोगों के लिए एक विशेष IAF डे परेड का आयोजन भी किया जाएगा। भारतीय सरकार का यह प्रयास है कि वायु सेना और सशस्त्र बलों की वीरता का प्रदर्शन कर अधिकाधिक युवाओं को इस क्षेत्र में आकर्षित किया जा सके।
Leo Ware
इस एयर शो का मतलब सिर्फ विमान नहीं, बल्कि एक देश की आत्मा है।
Ranjani Sridharan
woahhh yrr kya dhamaka hoga yaar!! tejas aur rafale ek saath?? mera to dil dhadka gaya 😍
Vikas Rajpurohit
अरे भाई ये सब तो बस दिखावा है! जब तक हमारे जवानों को अच्छा बर्फ नहीं मिलेगा, तब तक ये सब बकवास है! 😤✈️
Nandini Rawal
मरीना बीच पर ये शो हो रहा है, इसका मतलब है कि हमारी भूमि और आकाश दोनों को सम्मान दिया जा रहा है।
Himanshu Tyagi
सुरा किरण और सारंग टीम के एरोबेटिक्स वाले पायलट्स की ट्रेनिंग कितनी कठिन होगी? एक गलती में जान चली जा सकती है। इन लोगों के लिए श्रद्धांजलि।
Shailendra Soni
रूसी और फ्रांसीसी विमान एक साथ... ये तो वैश्विक संयोग है। भारत की रणनीति बहुत गहरी है।
Sujit Ghosh
अगर ये सब भारतीय है तो फिर चीन को डर क्यों लगता है? हम तो इतने ताकतवर हैं कि आकाश में भी नाच रहे हैं! 🇮🇳🔥
sandhya jain
ये एयर शो सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, ये तो एक ऐतिहासिक पल है। जब तमिल संस्कृति के नाम पर गठन बनाए जा रहे हैं - पुयल, संगम, चोल, नटराज - तो ये दिखाता है कि हमारी रक्षा भी हमारी जड़ों से जुड़ी है। ये बात किसी ने नहीं कही, लेकिन मैंने महसूस किया। हमारी ताकत न सिर्फ हथियारों में है, बल्कि हमारे इतिहास, हमारे नाम, हमारी भाषा में है। ये शो हमें याद दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं, हम सब एक हैं।
Anupam Sood
फिर से ये विमान वाली बातें... क्या इतना खर्चा करने का कोई मतलब है? बस फोटो लेने के लिए लोग आ रहे हैं 😴
Shriya Prasad
तेजस का प्रदर्शन देखने के लिए मैं चेन्नई जा रही हूँ। बहुत गर्व हो रहा है।
Balaji T
यह आयोजन, यद्यपि विशिष्ट रूप से व्यवस्थित है, तथापि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आर्थिक संसाधनों के वितरण के दृष्टिकोण से अत्यधिक असंगठित है।
Nishu Sharma
मरीना बीच पर इतनी भीड़ लगेगी तो ट्रैफिक तो बंद हो जाएगा ना? और बच्चों के लिए शौचालय का इंतजाम किया गया है? और बरसात हो गई तो? ये सब सोचा गया है? ये शो तो बहुत बढ़िया है लेकिन व्यवस्था भी तो चाहिए।
Shraddha Tomar
सुरा किरण के बाद अगर सारंग हेलीकॉप्टर्स ने लाल धुंध में नीलगिरी के नाम से एरोबेटिक्स किया तो ये तो एक सांस्कृतिक एकीकरण का नया युग है। जैसे टेक्नोलॉजी और ट्रेडिशन का एक डायनामिक सिंबियोसिस। ये शो एक नए नैनो-कल्चरल इंटरफेस का निर्माण कर रहा है।