अडानी समूह ने निम्न-गुणवत्ता वाले कोयले की आपूर्ति का आरोप खारिज किया, शेयरों में दिखाई दी मजबूती

अडानी समूह का खंडन

हाल ही में अडानी समूह ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स और संगठित अपराध और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की एक रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि अडानी समूह ने तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (TANGEDCO) को एक दशक पहले उच्च गुणवत्ता के कोयले के नाम पर निम्न-गुणवत्ता वाले कोयले की आपूर्ति की है।

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अडानी समूह ने कोयले को $28 प्रति टन में खरीदा और फिर इसे TANGEDCO को $91.91 प्रति मीट्रिक टन की दर से बेचा। अडानी समूह के प्रवक्ता ने इन आरोपों को 'झूठा और बेबुनियाद' बताया और कहा कि कोयले की गुणवत्ता की जांच प्राप्त करने वाले प्लांट में की जाती है।

शेयर बाजार में दिखी मजबूती

शेयर बाजार में दिखी मजबूती

भले ही इस रिपोर्ट ने शुरुआत में अडानी समूह के शेयरों को प्रभावित किया, लेकिन बाद में उनमें तेजी देखने को मिली। बुधवार को व्यापारिक दिन के अंत में अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 0.61% की बढ़त के साथ दर्ज हुए, जबकि अडानी पावर के शेयर 1.68% और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में 0.14% की वृद्धि हुई।

पहले भी लगे हैं आरोप

पहले भी लगे हैं आरोप

यह पहली बार नहीं है कि अडानी समूह पर इस तरह के आरोप लगाए गए हैं। दिसंबर 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को कुछ कंपनियों द्वारा कोयला आयात और उपकरण की इनवॉइस में बढ़ोतरी के दावे की जांच का आदेश दिया था, जिसमें अडानी समूह और एस्सार समूह भी शामिल थे। कंपनी ने इन आरोपों को भी खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें आयातित कोयले की अधिक मूल्यांकन के आरोपों के तहत शो कॉज नोटिस रद्द कर दिया गया था।

अडानी समूह का बयान

अडानी समूह का बयान

अडानी समूह के प्रवक्ता ने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं और कंपनी ने हमेशा नियमों का पालन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जितने भी कोयले की आपूर्ति की जाती है, उसकी गुणवत्ता की जांच प्राप्त करने वाले प्लांट पर की जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि ग्राहक को उच्च-गुणवत्ता वाला कोयला ही मिले।

सारांश

अडानी समूह द्वारा लगाए गए आरोपों पर उनका स्पष्ट खंडन आया है, जिसमें उन्होंने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। इसका असर शेयर बाजार में भी देखा गया, जहां समूह के शेयरों में तेजी आई। यह मुद्दा एक बार फिर से उच्च कोटि की जांच और सत्यापन की महत्वपूर्णता को रेखांकित करता है, खासकर जब बात इतनी बड़ी मात्रा में कोयले की आपूर्ति की होती है।

नीरजा कौल

नीरजा कौल

मैं एक पेशेवर पत्रकार हूं और भारत में दैनिक समाचारों पर लेख लिखती हूं। मेरी खास रुचि नवीनतम घटनाओं और समाज में हो रहे परिवर्तनों पर है। मेरा उद्देश्य नई जानकारी को सरल और सटीक तरीके से प्रस्तुत करना है।