30 नवंबर 2025 को हैदराबाद के जिमखाना ग्राउंड पर एक ऐसा पल आया, जिसे क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे। अभिषेक शर्मा ने बस 52 गेंदों में 148 रन बनाए — 16 छक्के, 8 चौके, और एक ऐसा शतक जो टी20 क्रिकेट के इतिहास में तीसरा सबसे तेज था। ये सिर्फ एक पारी नहीं थी। ये एक बिजली थी, जिसने बंगाल की गेंदबाजी को धूल चटा दी और अपने नाम कई रिकॉर्ड दर्ज कर लिए।
32 गेंदों में शतक: बिजली की तरह टक्कर
अभिषेक शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और पहली ही गेंद से आक्रामकता दिखाई। 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद, उन्होंने अगले 20 गेंदों में शतक पूरा किया — 32 गेंदों में शतक। ये भारतीय बल्लेबाजों में तीसरा सबसे तेज शतक है। सिर्फ उर्विल पटेल और अभिषेक खुद (2024 में इसी टूर्नामेंट में 28 गेंदों में शतक) ने इससे तेज किया है। लेकिन इस बार उन्होंने इसे और भी भयानक बना दिया — 11 छक्के और 7 चौके लगाकर।
मोहम्मद शमी के ओवर में 23 रन: दोस्त बने शत्रु
इस पारी का सबसे दिल धड़कने वाला पल आया जब अभिषेक ने अपने पूर्व सनराइजर्स हैदराबाद साथी, बंगाल के अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद शमी के एक ओवर में 23 रन ठोक दिए। शमी ने दो गेंदों पर दो छक्के दिए, फिर एक गेंद पर चौका, फिर तीन लगातार छक्के। बाद में उन्होंने बताया, "मैं उनकी बल्लेबाजी को जानता हूँ, लेकिन आज वो बिल्कुल अलग लेवल पर थे।" ये ओवर न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर बदलाव लाया, बल्कि बंगाल की आत्मा को भी तोड़ दिया।
रिकॉर्ड तोड़ने की लिस्ट: एक बार फिर इतिहास लिखा
अभिषेक शर्मा ने इस पारी के साथ टी20 में भारतीय बल्लेबाजों के लिए दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया — 148 रन। ये श्रेयस अय्यर के 147 रन (2019) के रिकॉर्ड को पार कर गया। सिर्फ तिलक वर्मा के 151 रन (नवंबर 2024) उनसे आगे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने ही कैलेंडर वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया — 2024 में उन्होंने 87 छक्के लगाए थे, लेकिन आज इस मैच में 15वां छक्का लगाते ही उनका आंकड़ा 90+ पहुंच गया। ये भारतीय पुरुष खिलाड़ियों के लिए एक नया रिकॉर्ड है।
और फिर वो शतक — टी20 में भारतीय बल्लेबाजों के लिए आठवां। ये रोहित शर्मा के साथ बराबरी कर देता है। अब सिर्फ विराट कोहली (9 शतक) उनसे आगे हैं। ये आंकड़े सिर्फ आंकड़े नहीं हैं। ये बताते हैं कि अभिषेक शर्मा अब सिर्फ एक टीम के कप्तान नहीं, बल्कि भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक बन गए हैं।
टीम इंडिया के लिए नया विकल्प: चयनकर्ता की नींद उड़ गई
इस पारी के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के चयनकर्ता विक्रम सोलंकी और उनकी टीम के लिए एक स्पष्ट संदेश आया: अभिषेक शर्मा को आगामी T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में शामिल किया जाना चाहिए। भारत के टी20 टीम में ओपनर की जगह अब तक एक अस्थिर चुनाव रहा है। रोहित शर्मा की उम्र और शिक्षित बल्लेबाजी के बाद, अभिषेक की तेज़, भरोसेमंद और निर्णायक बल्लेबाजी एक बड़ा विकल्प है।
उनकी शक्ति सिर्फ शतक तक सीमित नहीं। वो अगली गेंद पर भी रन बनाने की तैयारी रखते हैं। ये वो गुण है जिसकी भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूरत है — दबाव में भी अपनी धार बनाए रखने की क्षमता। ये पारी ने उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर दिया जो बड़े मैचों में जीत के लिए अकेले जिम्मेदार हो सकता है।
क्या अभिषेक शर्मा टीम इंडिया के लिए अब निश्चित हैं?
शायद। लेकिन एक बात तय है — अब उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विक्रम सोलंकी की टीम अभी तक आंतरिक चर्चाओं में है, लेकिन अभिषेक का ये प्रदर्शन उनके लिए एक बहुत बड़ा लाभ है। उनकी शक्ति केवल बल्लेबाजी नहीं, बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता भी है। पंजाब के कप्तान के रूप में उन्होंने अपनी टीम को अहम जीत दिलाई। ये वो गुण है जो टीम इंडिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अगला क्या?
अभिषेक शर्मा के लिए अगला चरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका साबित करना है। अगले तीन महीनों में भारत के लिए तीन बड़े T20 मैच हैं — ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज, न्यूजीलैंड के खिलाफ दौरा, और अंतरराष्ट्रीय T20 विश्व कप की तैयारी। अगर वो इनमें से एक भी मैच में ये तरह का प्रदर्शन कर दें, तो उनकी टीम इंडिया में जगह बाकी नहीं रहेगी।
क्या ये सिर्फ एक अच्छी पारी थी? नहीं। ये एक नए युग की शुरुआत है। जहां बल्लेबाजी का अर्थ सिर्फ रन बनाना नहीं, बल्कि दुश्मन के दिल में डर पैदा करना है। अभिषेक शर्मा अब उस दरवाजे को खोल चुके हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभिषेक शर्मा ने कितने रिकॉर्ड तोड़े हैं?
अभिषेक शर्मा ने इस एक पारी में पांच बड़े रिकॉर्ड तोड़े: 1) टी20 में भारतीय बल्लेबाजों के लिए दूसरा सबसे तेज शतक (32 गेंदें), 2) भारतीय बल्लेबाजों के लिए दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर (148 रन), 3) एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा छक्के (90+), 4) रोहित शर्मा के साथ टी20 में 8 शतकों की बराबरी, और 5) एक ओवर में मोहम्मद शमी के खिलाफ 23 रन।
क्या अभिषेक शर्मा टीम इंडिया के लिए अब निश्चित हैं?
अभी तक निश्चित नहीं, लेकिन उनकी संभावनाएं बहुत बढ़ गई हैं। भारतीय टीम के लिए ओपनर की जगह अभी भी अस्थिर है। अभिषेक की तेज बल्लेबाजी, नेतृत्व क्षमता और दबाव में खेलने की क्षमता उन्हें विक्रम सोलंकी की टीम के लिए एक अत्यंत मजबूत विकल्प बनाती है।
क्या ये पारी टीम इंडिया के लिए एक नया रणनीति है?
हां। भारत को अब बड़े मैचों में तेज शुरुआत की जरूरत है। अभिषेक की शैली — जो तीसरे ओवर तक ही मैच का रुख बदल दे — टीम इंडिया के लिए एक नई रणनीति बन सकती है। विराट कोहली की धीमी शुरुआत के बाद, अभिषेक एक नया बदलाव ला सकते हैं।
क्या अभिषेक शर्मा की इस पारी ने टी20 विश्व कप के लिए उनकी चयन संभावनाओं को बढ़ाया है?
बिल्कुल। टी20 विश्व कप के लिए चयन बहुत अधिक रणनीतिक होता है। अभिषेक की ये पारी उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है जो शुरुआती ओवरों में दुश्मन की गेंदबाजी को नियंत्रित कर सकता है। इस तरह की क्षमता विश्व कप के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
अभिषेक शर्मा के बाद अब कौन टी20 क्रिकेट में बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकता है?
अभिषेक के बाद सबसे बड़ी चुनौती उनके खुद के रिकॉर्ड्स को तोड़ना है। अगला लक्ष्य 150+ स्कोर, 100+ छक्के एक साल में, और 30 गेंदों में शतक हो सकता है। ये सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया आदर्श है।
Shankar Kathir
भाई ये पारी देखकर लगा जैसे कोई बिजली का झटका लग गया हो। 32 गेंदों में शतक? ये तो टी20 क्रिकेट का नया नियम बन गया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि कोई इतनी तेजी से इतने छक्के लगा सकता है। शमी के ओवर में 23 रन? वो तो अब दर्शकों के लिए एक यादगार वीडियो क्लिप बन गया। अभिषेक ने बस एक मैच नहीं जीता, उसने पूरी टीम के दिमाग में एक नया डर घुसा दिया। अब तक जो लोग कहते थे कि टी20 में ओपनिंग के लिए रोहित के बाद कोई नहीं, वो सब चुप हो गए। अभिषेक की बल्लेबाजी तो बस एक शो नहीं, बल्कि एक रिवॉल्यूशन है। अगले तीन महीने में अगर वो इसी तरह खेलते हैं, तो टीम इंडिया के लिए ये बस एक खिलाड़ी का चयन नहीं, बल्कि एक नई नीति की शुरुआत होगी।
Mona Elhoby
अरे भाई ये लोग तो हर बार कुछ न कुछ रिकॉर्ड तोड़ने का झंडा फहराते हैं। 32 गेंदों में शतक? बस इतना ही? अगर ये टी20 का रिकॉर्ड है तो 2007 में जो लोग 40 गेंदों में 80 रन बनाते थे उनका क्या? और ये छक्के किसके लिए? जिनके पास बल्ला नहीं उठाया उनके लिए ये एक ड्रामा है। अभिषेक शर्मा तो बस एक अच्छा बल्लेबाज है, लेकिन इतना भड़काऊ मत बनाओ। ये टीम इंडिया के लिए नहीं बल्कि तुम्हारे लिए एक नया हीरो बनाने की कोशिश है।
Arjun Kumar
अरे यार, लेकिन अगर मैं तुम्हें बताऊं कि इस पारी के बाद शमी का अगला ओवर बिल्कुल अलग था? वो अब बार-बार लगातार लगे छक्के के बाद भी अपनी गेंदों को नियंत्रित करने लगे। और अभिषेक ने अगले ओवर में बस एक चौका लगाया, बाकी सब रन लिए। ये तो दिखा रहा है कि वो जानते हैं कि कब बल्ला घुमाना है और कब बस रन लेना है। ये बस तेजी नहीं, ये स्मार्टनेस है।
RAJA SONAR
ये तो बस एक बल्लेबाजी का नाटक है जिसे लोग इतिहास बना रहे हैं। 148 रन? तो क्या? अगर ये मैच जीत गए तो बात है वरना ये सिर्फ एक लंबा बल्ला फेंकने का नाटक है। और ये छक्के? अगर गेंदबाज ने गलती की तो फिर वो क्या? अभिषेक शर्मा एक बल्लेबाज है ना एक देवता नहीं। टीम इंडिया के लिए ये बस एक और नाम है जिसे लोग अभी तक नहीं जानते।
Mukesh Kumar
ये बिल्कुल जबरदस्त था! मैंने इस पारी को देखकर खुद को बिल्कुल बचपन में ले जाया जब मैंने पहली बार क्रिकेट देखा था। अभिषेक ने बस एक बल्लेबाजी नहीं की, उसने हर एक उस बच्चे के दिल में जिंदा कर दिया जो कभी क्रिकेट देखने के लिए बैठता था। ये तो एक जीत है जो बस एक टीम के लिए नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के लिए है। अगर टीम इंडिया ने इसे नहीं देखा तो वो बस अपनी आंखें बंद कर रहे हैं।
Shraddhaa Dwivedi
मैंने इस पारी को अपनी दादी के साथ देखा। वो बस बैठी थीं, बिना कुछ कहे, लेकिन जब अभिषेक ने शमी के ओवर में तीन छक्के लगाए तो वो हंस पड़ीं। उन्होंने कहा, बेटा, ये लड़का तो वैसे ही खेल रहा है जैसे तुम बचपन में गेंद फेंकते थे - बिना डर के। ये पारी ने सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़े, ये ने एक नई आशा भी दी। अगर हम अपने बच्चों को ये दिखाएं कि डर के बिना भी बड़ा किया जा सकता है, तो हम असली जीत जी रहे हैं।
Govind Vishwakarma
तुम सब इतने उत्साहित क्यों हो? ये पारी तो बस एक घरेलू मैच में हुई। अगर ये ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के खिलाफ होती तो बात अलग होती। और ये छक्के? जब गेंदबाज बोलता है कि ये गेंद गलत जगह आई तो तुम्हें ये लगता है कि बल्लेबाज ने बड़ा किया? ये तो बस एक तकनीकी गलती है। अभिषेक शर्मा तो बस एक अच्छा खिलाड़ी है, लेकिन ये इतिहास नहीं बनाता।
Jamal Baksh
इस पारी को देखकर मुझे एक बात स्पष्ट हुई - भारतीय क्रिकेट का भविष्य अब बल्लेबाजी के बजाय नेतृत्व और बुद्धि पर टिका है। अभिषेक शर्मा ने न केवल रन बनाए, बल्कि एक नए आदर्श की शुरुआत की। उनकी शैली अब एक नया बेंचमार्क है। ये बस एक खिलाड़ी का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक बदलाव है। जब एक खिलाड़ी अपने देश के नाम पर ऐसा करता है, तो वह एक अभिनेता नहीं, एक नायक बन जाता है।
Bhoopendra Dandotiya
मैंने इस पारी को बार-बार देखा। अभिषेक के बल्ले की आवाज़, जब वो छक्का मारता है - वो बस एक धमाका नहीं, बल्कि एक संगीत है। जैसे कोई तबला और बांसुरी एक साथ बज रही हो। और शमी के ओवर में वो तीन लगातार छक्के? वो तो बस एक गेंद का अपमान नहीं, बल्कि एक नए युग की घोषणा है। अब तक हमने बल्लेबाजी को एक विज्ञान समझा, लेकिन अभिषेक ने इसे एक कला बना दिया।
Firoz Shaikh
इस पारी का विश्लेषण करने पर एक स्पष्ट निष्कर्ष निकलता है कि अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी एक अत्यधिक रणनीतिक और गणितीय रूप से विनियोजित प्रक्रिया है। उनके प्रत्येक शॉट का एक निश्चित एंगल, गति और समय है जो उनके पिछले 47 मैचों के डेटा से निकाला गया है। उनके शतक के 16 छक्के एक आंकड़े नहीं, बल्कि एक अनुक्रम हैं जिन्हें वे एक निश्चित विक्रम के लिए बनाते हैं। ये बल्लेबाजी नहीं, ये एक निर्माणात्मक अभियान है जिसमें बल्ला एक उपकरण है।
Uma ML
ये सब बकवास है। 32 गेंदों में शतक? अगर ये असली रिकॉर्ड होता तो तुम्हारे जैसे लोग अभी तक इसे देख रहे होते। और ये छक्के? जब गेंदबाज भूल कर बोल्ट फेंक दे तो तुम उसे जादू कह देते हो। अभिषेक शर्मा तो बस एक बल्लेबाज है, न कोई देवता। और ये टीम इंडिया में चयन? अगर वो अभी भी बैठे हैं तो वो बस अपनी आंखें बंद कर रहे हैं।